
ब्लॉगजगत में टिप्पणियों के महत्त्व से भला कौन ब्लॉगर अपरिचित होगा। और वो भी हिन्दी ब्लॉगजगत में जहाँ ब्लॉगरों की संख्या कुछ हजार तक सीमित है। यहाँ ब्लोगर ही एक दूसरे को पढ़ते हैं; नान-ब्लोगर पाठकों की संख्या नही के बराबर है। ऐसे में सार्थक टिप्पणियाँ जहाँ ब्लोगर का उत्साहवर्द्धन करके उसे और अच्छा और नियमित लिखने को प्रेरित करती हैं वहीं टिप्पणी के अभाव में कई ब्लॉग शैशवावस्था में ही दम तोड़ देते हैं। इसलिए यह बात तो तय है की टिप्पणी न करने से तो कैसी भी टिप्पणी करना अच्छा है। बिन-मामा वाले से काना मामा वाला अच्छा! पर अगर टिप्पणी करते समय कुछ बातों का ख़याल रखा जाए तो न सिर्फ़ ब्लोगर को सच्चे प्रोत्साहन का आनंद मिलेगा बल्कि ब्लॉगजगत में आपकी भी एक अच्छी छवि बनेगी। यहाँ मैंने ध्यान रखने लायक कुछ बातों को गिनाया है : -
१) पोस्ट को पूरा पढ़े बिना टिप्पणी न करें : - कई लोग अधिक से अधिक ब्लॉगस पर टिप्पणी करने के चक्कर में पोस्ट को बिना पढ़े ही टिप्पणी करते चलते हैं। ऐसी टिप्पणियाँ कभी कभी तो खप जाती हैं पर कभी कभी इनका घातक अर्थ और प्रभाव भी हो सकता है। जैसे किसी ने अपने किसी प्रिय के बिछुड़ने के बारे में लिखा है और आप उसपर "बहुत अच्छे" या "बधाई" टिपिया आए हैं। वैसे लंबे समय के बाद कई लोगों को अनुभव हो जाता है कि पोस्ट का शीर्षक देखकर ही कैसे सटीक टिप्पणी मारी जाए। पर मेरी सलाह है कि समय अभाव में पोस्ट को पूरा नही पढ़ पाएं तो कम से कम सरसरी तौर पर निगाह तो दौडा ही लें। पोस्ट के अनुकूल टिप्पणी मिलने पर लेखक जहाँ प्रसन्न होता है वहीं बिल्कुल अलग टिप्पणी देखकर छला हुआ महसूस करता है।
२) एक शब्द की टिप्पणी न करें - माना की मंदी का दौर है; पर ऐसी भी क्या कंजूसी! कई बार बहुत मेहनत से लिखी गई पोस्ट पर हम सिर्फ़ "सुंदर", "बहुत अच्छा", "शुभकामनाएं" आदि लिखकर चल देते हैं। ऐसे में लेखक को चोट पहुँचती है। यह तो उसी प्रकार हुआ कि प्यासे के मुंह में दो बूँद पानी गिरा के चल दिए। हालांकि कभी कभी जल्दबाजी में ऐसा करना पड़ता है। पर अगर समय मिले तो अच्छी पोस्ट पर दुबारा जाकर अच्छे से टिप्पणी करें।
३) हस्ताक्षर न करें - अगर आप बेनामी टिप्पणी नही कर रहे हों, यानि कि ब्लॉगर या किसी अन्य अकाउंट में पहले से साइन इन हैं तो आपका नाम स्वतः टिप्पणी के साथ आ जाता है; वो भी आपके ब्लॉग के लिंक के साथ। इसलिए दुबारा से नीचे नाम लिखने की कोई आवश्यकता ही नही है। यह ब्लॉगर के साथ- साथ अन्य पाठकों को भी इरिटेट करता है। टिप्पणी कोई पत्र नहीं है जिसे आप "प्रिय फलाना" से शुरू करें और "आपका प्यारा चिलाना" से ख़त्म करें। इसके अलावा टिप्पणी में कोई अन्य व्यक्तिगत जानकारी जैसे फोन नंबर, ई-मेल आईडी वगैरह भी न डालें।
४) रंग-रोगन या साज-सज्जा न करें - कई लोग टिप्पणियों को बोल्ड, इटैलिक और अंडरलाइनड अक्षरों से सुसज्जित करते हैं। यहाँ यह बात ध्यान रखने योग्य है कि आपकी टिप्पणी का महत्व सजावट से नहीं बल्कि उसकी गुणवत्ता से बढ़ता है। कुछ सार्थक लिखें; पोस्ट की विषयवस्तु से जुड़े अपने अनुभव बांटे, कोई जिज्ञासा रखें अथवा उसके विरोध में ही अपनी राय रखें। इस प्रकार की एक अच्छी टिप्पणी आपको कई नियमित पाठक दिला सकती है। ध्यान रखें कि आपकी टिप्पणी आपके रेज्यूमे की तरह है जिससे आप पाठकों को लुभा कर अपने ब्लॉग तक खींच सकते हैं।
५) लिंक्स देने की आदत न बनाएं - कई टिप्पणीकार अपनी हर टिप्पणी में अपने ब्लॉगस का लिंक चिपका देते हैं। यह एक प्रकार की स्पैमिंग है। हो सकता है कि इस तरह आप ५-१० हिट्स पा लें पर इससे आपकी जो छवि बनती है वह कहीं ज्यादा पाठकों को आपसे दूर ले जाएगी। आपकी टिप्पणी आपके ब्लॉग का आइना है। इसपर मेहनत करें, रोचक टिप्पणियां लिखें। यह आपको लिंक्स से ज्यादा हिट्स दिलाएगा। हाँ, अगर पोस्ट से संबधित कोई उपयोगी जानकारी किसी वेबसाईट पर उपलब्ध है और आप उसे शेयर करना चाहते हैं तो लिंक्स दिए जा सकते हैं।
6) अभद्र भाषा का प्रयोग न करें - अगर आप लेखक के विचारों से पूरी तरह असहमत भी हैं तो संतुलित और विनम्र भाषा में तर्कों के साथ अपनी बात रखें। व्यक्तिगत आक्षेपों से बचें। हाँ, होली वगैरह के मौके पर थोडा बहुत मजाक खप जायेगा।
७) बाबा न बनें - कई लोग पोस्ट पर इस प्रकार समझाने के लहजे में टिप्पणी करते हैं जैसे उन्होंने उस विषय में शोध कर रखा हो और लिखने वाला निरा बुद्धू है। जैसे "थोडा और अच्छा लिख सकते थे. ऐसे ही लिखते रहो। बहुत आगे जाओगे", "अच्छा लिखा है पर धार में थोड़ी कमी है" इत्यादि। ऐसी बाबा टाइप टिप्पणियों से बचें (अगर आपने सचमुच उस विषय पर शोध कर रखा हो तो भी)।
अंत में कुछ छिटपुट सुझाव - टिप्पणी करने के बाद पोस्ट बटन दबाने से पहले देख लें कि कहीं वर्तनी वगैरह की अशुद्धि तो नहीं है अथवा कोई और भयंकर गलती तो नहीं है। कभी कभी बड़ी हास्यास्पद और मूर्खतापूर्ण गलतियां हो जाती हैं। हम बाद में टिप्पणी को एडिट तो कर नहीं सकते। मोडरेशन है तो ब्लोगर की दया वरना तो बेइज्जती है ही।
बाकी, इन सब बातों को दिल पर न लें मस्ती से टिपियाते रहें। आज बस उपदेश देने का मूड हो लिया था। इसलिए लिख मारे। आप सबको होली की हार्दिक शुभकामनाएं।
(वैसे यहाँ हर प्रकार की टिप्पणियों का स्वागत है। कहते हैं न कि बिन-मामा वाले से काना मामा वाला अच्छा!)
१) पोस्ट को पूरा पढ़े बिना टिप्पणी न करें : - कई लोग अधिक से अधिक ब्लॉगस पर टिप्पणी करने के चक्कर में पोस्ट को बिना पढ़े ही टिप्पणी करते चलते हैं। ऐसी टिप्पणियाँ कभी कभी तो खप जाती हैं पर कभी कभी इनका घातक अर्थ और प्रभाव भी हो सकता है। जैसे किसी ने अपने किसी प्रिय के बिछुड़ने के बारे में लिखा है और आप उसपर "बहुत अच्छे" या "बधाई" टिपिया आए हैं। वैसे लंबे समय के बाद कई लोगों को अनुभव हो जाता है कि पोस्ट का शीर्षक देखकर ही कैसे सटीक टिप्पणी मारी जाए। पर मेरी सलाह है कि समय अभाव में पोस्ट को पूरा नही पढ़ पाएं तो कम से कम सरसरी तौर पर निगाह तो दौडा ही लें। पोस्ट के अनुकूल टिप्पणी मिलने पर लेखक जहाँ प्रसन्न होता है वहीं बिल्कुल अलग टिप्पणी देखकर छला हुआ महसूस करता है।
२) एक शब्द की टिप्पणी न करें - माना की मंदी का दौर है; पर ऐसी भी क्या कंजूसी! कई बार बहुत मेहनत से लिखी गई पोस्ट पर हम सिर्फ़ "सुंदर", "बहुत अच्छा", "शुभकामनाएं" आदि लिखकर चल देते हैं। ऐसे में लेखक को चोट पहुँचती है। यह तो उसी प्रकार हुआ कि प्यासे के मुंह में दो बूँद पानी गिरा के चल दिए। हालांकि कभी कभी जल्दबाजी में ऐसा करना पड़ता है। पर अगर समय मिले तो अच्छी पोस्ट पर दुबारा जाकर अच्छे से टिप्पणी करें।
३) हस्ताक्षर न करें - अगर आप बेनामी टिप्पणी नही कर रहे हों, यानि कि ब्लॉगर या किसी अन्य अकाउंट में पहले से साइन इन हैं तो आपका नाम स्वतः टिप्पणी के साथ आ जाता है; वो भी आपके ब्लॉग के लिंक के साथ। इसलिए दुबारा से नीचे नाम लिखने की कोई आवश्यकता ही नही है। यह ब्लॉगर के साथ- साथ अन्य पाठकों को भी इरिटेट करता है। टिप्पणी कोई पत्र नहीं है जिसे आप "प्रिय फलाना" से शुरू करें और "आपका प्यारा चिलाना" से ख़त्म करें। इसके अलावा टिप्पणी में कोई अन्य व्यक्तिगत जानकारी जैसे फोन नंबर, ई-मेल आईडी वगैरह भी न डालें।
४) रंग-रोगन या साज-सज्जा न करें - कई लोग टिप्पणियों को बोल्ड, इटैलिक और अंडरलाइनड अक्षरों से सुसज्जित करते हैं। यहाँ यह बात ध्यान रखने योग्य है कि आपकी टिप्पणी का महत्व सजावट से नहीं बल्कि उसकी गुणवत्ता से बढ़ता है। कुछ सार्थक लिखें; पोस्ट की विषयवस्तु से जुड़े अपने अनुभव बांटे, कोई जिज्ञासा रखें अथवा उसके विरोध में ही अपनी राय रखें। इस प्रकार की एक अच्छी टिप्पणी आपको कई नियमित पाठक दिला सकती है। ध्यान रखें कि आपकी टिप्पणी आपके रेज्यूमे की तरह है जिससे आप पाठकों को लुभा कर अपने ब्लॉग तक खींच सकते हैं।
५) लिंक्स देने की आदत न बनाएं - कई टिप्पणीकार अपनी हर टिप्पणी में अपने ब्लॉगस का लिंक चिपका देते हैं। यह एक प्रकार की स्पैमिंग है। हो सकता है कि इस तरह आप ५-१० हिट्स पा लें पर इससे आपकी जो छवि बनती है वह कहीं ज्यादा पाठकों को आपसे दूर ले जाएगी। आपकी टिप्पणी आपके ब्लॉग का आइना है। इसपर मेहनत करें, रोचक टिप्पणियां लिखें। यह आपको लिंक्स से ज्यादा हिट्स दिलाएगा। हाँ, अगर पोस्ट से संबधित कोई उपयोगी जानकारी किसी वेबसाईट पर उपलब्ध है और आप उसे शेयर करना चाहते हैं तो लिंक्स दिए जा सकते हैं।
6) अभद्र भाषा का प्रयोग न करें - अगर आप लेखक के विचारों से पूरी तरह असहमत भी हैं तो संतुलित और विनम्र भाषा में तर्कों के साथ अपनी बात रखें। व्यक्तिगत आक्षेपों से बचें। हाँ, होली वगैरह के मौके पर थोडा बहुत मजाक खप जायेगा।
७) बाबा न बनें - कई लोग पोस्ट पर इस प्रकार समझाने के लहजे में टिप्पणी करते हैं जैसे उन्होंने उस विषय में शोध कर रखा हो और लिखने वाला निरा बुद्धू है। जैसे "थोडा और अच्छा लिख सकते थे. ऐसे ही लिखते रहो। बहुत आगे जाओगे", "अच्छा लिखा है पर धार में थोड़ी कमी है" इत्यादि। ऐसी बाबा टाइप टिप्पणियों से बचें (अगर आपने सचमुच उस विषय पर शोध कर रखा हो तो भी)।
अंत में कुछ छिटपुट सुझाव - टिप्पणी करने के बाद पोस्ट बटन दबाने से पहले देख लें कि कहीं वर्तनी वगैरह की अशुद्धि तो नहीं है अथवा कोई और भयंकर गलती तो नहीं है। कभी कभी बड़ी हास्यास्पद और मूर्खतापूर्ण गलतियां हो जाती हैं। हम बाद में टिप्पणी को एडिट तो कर नहीं सकते। मोडरेशन है तो ब्लोगर की दया वरना तो बेइज्जती है ही।
बाकी, इन सब बातों को दिल पर न लें मस्ती से टिपियाते रहें। आज बस उपदेश देने का मूड हो लिया था। इसलिए लिख मारे। आप सबको होली की हार्दिक शुभकामनाएं।
(वैसे यहाँ हर प्रकार की टिप्पणियों का स्वागत है। कहते हैं न कि बिन-मामा वाले से काना मामा वाला अच्छा!)





भर्त्सना योग्य, अतिनिंदनीय एवं घृणित आलेख! मूर्खतापूर्ण.
जवाब देंहटाएं(बुरा न मानो होली है......) :-)
आपके इतने सुझावों के बाद हम तो तरह- तरह की ग्रंथियों से घिर गये हैं । इधर कुआँ उधर खाई की स्थिति में फ़ँस गये हैं । टिप्पणी ना करें तो गलत । एक शाब्द कह कर सटक लें तो बुरा । कुछ टीका - टिप्पणी कर ,तो भी बुराई ही हाथ आना है । आधे अधूरे मन से शाबासी दे कर मन को गवारा नहीं । जय हो ,जय हो
जवाब देंहटाएंकाफी जान गये भाई जल्दी जल्दी...नाम के आगे ज्ञानी की उपाधि लगा लो, मानद दी जा रही है होली पर..इसलिये बुरा मत मानना. :)
जवाब देंहटाएंअब इस आलेख को 'बहुत सुंदर' कहकर चल दूं तो क्या बुराई है ... टिप्पणी करने में कितना समय जाया करूं... आखिर और पोस्टों को भी तो टिप्पणी चाहिए ... वैसे आगे से आपके कहे का ख्याल रख्ूंगी।
जवाब देंहटाएंसात नम्बर का सुझाव बहुत महत्वपूर्ण है…। "बाबा" टाईप, वाह क्या बात कही है… यह बीमारी है कुछ लोगों को…
जवाब देंहटाएंलगता है इन बातों को आदत में शुमार करना ही पड़ेगा. :)
जवाब देंहटाएं"मेरा आशिर्वाद आपको"--(सकारात्मक है या नकारात्मक - फ़ैसला आपका )!!!! काम की बाते -- समझ मे आ गई है,
जवाब देंहटाएंनिश्चय ही सुधार करुंगी । धन्यवाद ।
होली की बधाई!!!
"सुन्दर"......वैसे आप थोडा और ज्यादा अच्छा लिख सकते थे..))
जवाब देंहटाएंहोली की शुभकामनाऎं.......
समीर चचा तो उपाधि, सर्टिफिकेट प्रसाद के तरह बांटते चल रहे हैं. चलिए हम भी खुशफहमी पाल ही लेते हैं
जवाब देंहटाएंक्या बात है ? टिप्पणी पर मैं भी टिप्पणी यह कर सकता हूँ कि आपने अच्छी बातें लिखी ।आमतौर पर लोग लिखकर चलते बनते हैं । इन बिन्दुओं को ध्यान में रखकर की गयी प्रतिक्रिया लेखक प्रति न्याय होगा । अच्छी अच्छी बातें ऐसी ही लाते रहें।
जवाब देंहटाएंन मामा से काना मामा अच्छा ..वाह क्या बात कही है. "बहुत सुन्दर " इसे ही मेरी टिप्पणी समझें.ब्लॉग जगत में आने के बाद एक बार यह खीज सबको होती है .मुझे भी हुई थी :-)
जवाब देंहटाएंसही है कि छोटी-छोटी बातें कितनी महत्वपूर्ण होती हैं। थोड़ा सा ध्यान देने से कितना अन्तर पड़ता है।
जवाब देंहटाएंइस टिप्पणी को एक ब्लॉग व्यवस्थापक द्वारा हटा दिया गया है.
जवाब देंहटाएंथोडा़ और लिख सकते थे..:)
जवाब देंहटाएं"बाबा" बनने की कोशिश कर रहा था..
जानकारी से भरपूर्ण लेख ।
जवाब देंहटाएंबहुत अच्छा लिखा है ।
आपको और आपके परिवार को होली मुबारक ।
chalo comments kaise karein ...isse kuchh seekhne ko mila .....
जवाब देंहटाएंholi kii shubhkaamnaayein
bahut khoob
जवाब देंहटाएंbhut sundar aur shubhkamna wali tippani se main bhi padeshan tha . sach mein apne blog ka link dekar sundar , achcha likha hai , bahut khub aadi alankaro se sushobhit karke kuchh log bade hi dukhi karte hain . likhe gaye post par jab tippani ke madhyam se bahas shuru ho jati hai tab bada hi santosh milta hai ..........
जवाब देंहटाएंkya kaha ..?...............:)
जवाब देंहटाएंइस टिप्पणी को एक ब्लॉग व्यवस्थापक द्वारा हटा दिया गया है.
जवाब देंहटाएंटिप्पणीकारो को आपने सुझाव दिए जो नए टिप्पणीकारो के काफी काम आयेगे क्योकि पुराने लोग तो इन बातो के अनुसार ही काम करते है.
जवाब देंहटाएंएक बात जरा कभी ब्लोगेर्स को भी कुछ सुझाव दे कि किसी विषय पर प्राप्त टिप्पणियों में से अभद्र अश्लील, अशोभनीय, सन्दर्भ से इतर टिप्पणियों को हटाने का उनका विशेषाधिकार है परन्तु असहमति की टिप्पणियों को न हटाये कि यह मेरा ब्लॉग है इसलिए जो मै चाहूँगा छपेगा. इस प्रकार का "मेरी मर्ज़ी" वाला रुख न केवल स्वस्थ व सार्थक संवाद के मध्य बाधाकारी है बल्कि उन टिप्पणीकारो का मनोबल और विश्वास भी तोड़ता है जिसने आप द्वारा बताई सावधानियों के साथ सार्थक टिपण्णी की पर वो प्रकाशित न हो.
जिन ब्लोग्स पर तार्किक असहमति को भी स्थान दिया जाता है उनका स्तर अच्छा होता है तथा लोकप्रियता अधिक होती है.
@ अनूप जी, आपकी टिप्पणी बहुत ही सार्थक और प्रासंगिक है. अगर हम पाठकों से प्रशंसा की उम्मीद रखते हैं तो आलोचना के लिए भी तैयार रहना चाहिए.
जवाब देंहटाएंकहीं-कहीं व्यंजना में खूब खबर ली है तुमने भी !! मजा आ गया पढ़ के.
जवाब देंहटाएं2011 और 2012 के घटनाक्रम: - उनकी सरकार 14-15 महीने के रूप में यह लगता है - शाऊल Mofaz 2011 इजरायल के प्रधानमंत्री के वसंत में है और सैनिकों इमाम महदी के मुस्लिम कमांडर - इजरायल के विनाश - जॉर्डन सीरिया इराक के राजा को कब्जा गर्मी और 2011 आते - वह तुर्की के साथ संघर्ष करता है - 2011 गर्मियों के अंत - 2011 के अंत में - और मक्का और मदीना के बीच जंगल में अपने सैनिकों को पृथ्वी के नीचे हैं -
जवाब देंहटाएंजार्डन और पश्चिमी सेना - मिस्र में शामिल हैं - सऊदी राजा अपनी सत्ता संघर्ष शुरू में मर जाता है - 14 में -45P/Honda-Mrkos धूमकेतु meteors 20 अगस्त 2011 को देश के साथ सौदा - अपने में सबसे बड़ा पूर्व एशिया में नीचे आता है - 26 2011 पूर्व आकाश को तीन या सात दिन में विस्फोट करने के लिए जलता के लक्षण दिखाने में एक बड़ा स्टार है और इस इमाम महदी है अगस्त
26 आकाश में एक बड़ा स्टार के लिए जलता के लक्षण दिखाने पूर्व तीन या सात दिन विस्फोट करने के लिए 2011 में अगस्त और यह इमाम महदी है - उत्तरी इसराइल में 2011 में आए भूकंप के वसंत कर सकते हो में - 2012 अगस्त-मई के महीने के बीच यीशु प्रकट होता है - मेहदी इमाम, और दुनिया में न्याय स्थापित करने में मदद करता है
http://emam-mahdi-1390.blogfa.com