गुरुवार, 26 फ़रवरी 2009

जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष समेत ५ छात्र निष्कासित

जेएनयू के प्रोस्पेक्टस के दाम में वृद्धि, कैम्पस के कुछ ख़ूबसूरत स्थानों को फ़िल्म शूटिंग वगैरह के लिए किराये पर दी जाने और होस्टल के कमरों में बिजली मीटर लगाए जाने जैसे प्रशासनिक फैसलों के ख़िलाफ़ ३ हफ्तों से जारी छात्रों की लड़ाई ने उस समय एक नया मोड़ ले लिया जब प्रशासन ने जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष संदीप सिंह समेत ५ छात्रों को विश्वविद्यालय से निष्काषित कर दिया। निष्काषित किए गए अन्य छात्र हैं: - शेफालिका शेखर (छात्र संघ उपाध्यक्ष), मोबीन आलम (छात्र संघ संयुक्त सचिव), रोशन किशोर और रेणु। संदीप सिंह को २ साल के लिए जबकि अन्य छात्रों को १-१ साल के लिए निकाला गया है।

हुआ यों कि आज छात्रों ने प्रशासनिक भवन में बढ़ी हुई कीमत वाले प्रोस्पेक्टस की बिक्री होने से रोक दिया। छात्रों की मांग थी कि प्रोस्पेक्टस की कीमत घटाकर पहले जितनी की जाए। शाम तीन बजे प्रशासन ने छात्रों को एक कारण बताओ नोटिस जारी किया गया जिसका जवाब देने के लिए चार बजे तक का वक्त दिया गया। छात्रों ने इसके लिए एक दिन का समय माँगा पर प्रशासन ने शाम पाँच बजे ५ छात्रों के निष्कासन का आदेश जारी कर दिया।

छात्र संघ ने छात्रों का आह्वान किया है की इस लड़ाई को हमें हर हाल में जीतना ही होगा वरना जेएनयू "जेएनयू " नहीं रह जायेगा।

1 टिप्पणी:

  1. sAHI BAT HAI.........APNI BAT KO KAHNA GUNAH NAHI HAI....BHAI.....AGAR HAM HAR BAT SIR JHUKA KAR MANN LENGE TO PRASHASHAN AISE HI MANMANI KARTA RAHEGA............STUDENTS KO IN GALAT BATON K SAMNE KABHI NAHI JHUKNA HAI,............CHATRA SHAKTI-RASHTRA-SHAKTI........JAI HIND......

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