from Satish Chandra Satyarthi
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date Thu, Jan 15, 2009 at 3:06 AM
subject विश्वविद्यालय परिसर में सार्वजनिक धूम्रपान के बारे में शिकायत
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आदरणीय उप-कुलपति महोदय,
नमस्कार
मैं आपके ही विश्वविद्यालय का एक छात्र हूँ और एक अत्यन्त महत्वपूर्ण विषय पर आपकी मदद चाहता हूँ|
जैसा कि आपको पता होगा कि सरकार द्वारा सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान पर रोक लगा दी गयी है और जहाँ तक मेरी समझ है, हमारा विश्वविद्यालय परिसर भी "सार्वजनिक स्थान" की परिभाषा के अन्दर आता है| इसके बावजूद भी हमारे कैम्पस में तम्बाकू- सिगरेट की दो दुकाने (एक विश्वविद्यालय स्वास्थय केन्द्र के पास और दूसरी गोदावरी बस स्टाप के पास) खुलेआम तम्बाकू- सिगरेट बेच रही हैं और लोग पूरे कैम्पस में धुंआ उडाते दिख जाते हैं चाहे वह बस स्टाप हो अथवा परिसर में बने ढाबे| यहाँ तक कि स्कूल भवनों के अन्दर बनी कैंटीनों के अन्दर भी लोग सिगरेट के कश लगाते रहते हैं | इससे धूम्रपान न करने वाले छात्रों को भी इसके दुष्परिणामों का शिकार होना पड़ रहा है | विडंबना तो यह है कि ये दोनों दुकानें विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा दिए गए लाइसेंस पर ऐसा गैरकानूनी कार्य कर रही हैं | और क्यूबा, गाजा, नंदीग्राम और न्यूक्लियर डील पर हाय तौबा मचाने वाले छात्र संघ के नेताओं की आँखे भी नाक के नीचे जारी इस अपराध पर बंद हैं | यह विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा छात्रों के स्वास्थय के साथ खिलवाड़ और धूम्रपान न करने वाले छात्रों के स्वच्छ हवा में साँस लेने के मानवाधिकार का हनन नहीं है?
स्वास्थय विभाग द्वारा जारी नोटिस में स्पष्ट कहा गया है कि संस्थान के प्रमुख की यह जिम्मेदारी है कि धूम्रपान कानून के उल्लंघन संबधी शिकायतों के निष्पादन की जिम्मेदारी एक अधिकारी को दी जाए और उनके संपर्क सूत्रों की सूचना हर जगह लगाई जाए, पर हमारे परिसर में तो "धूम्रपान निषेध" के बोर्ड भी एकाध जगहों पर ही दिखते हैं | क्या इस प्रकार हम जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय को एक "विश्वस्तरीय विश्वविद्यालय" बनाने के स्वप्न को पूरा कर पाएंगे?
मैं श्रीमान से अनुरोध करता हूँ कि इस मामले को अतिशीघ्र संज्ञान में लें और इसपर त्वरित कार्रवाई करें |
आपका शिष्य
सतीश चंद्र सत्यार्थी
१२१, नर्मदा छात्रावास,
जे एन यू, नई दिल्ली - ६७
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Rector 2
आप ने पत्र लिख कर अपना काम कर दिया है। वीसी को अपना काम करने दें। वह नहीं करे तो आगे बढ़ें मीडिया तक इस मामले को ले जाएँ।
जवाब देंहटाएंजुनू तो अच्छा है... कोशिश जरी रखें .....!
जवाब देंहटाएंसुन्दर ब्लॉग......बधाई !!
जवाब देंहटाएं-----------------------------------
60 वें गणतंत्र दिवस के पावन-पर्व पर आपको ढेरों शुभकामनायें !! ''शब्द-शिखर'' पर ''लोक चेतना में स्वाधीनता की लय" के माध्यम से इसे महसूस करें और अपनी राय दें !!!