जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय न सिर्फ़ भारत बल्कि विश्व के सर्वश्रेष्ठ शिक्षण संस्थानों में से एक है। यह राजधानी नई दिल्ली मे अरावली पहाडी की तराई मे २०० एकड क्षेत्र में फैला हुआ है। यह एक पूर्णतः आवासीय केन्द्रीय विश्वविद्यालय है। इसकी स्थापना १९६५ में हुई थी। इसकी स्थापना के पीछे उद्देश्य एक ऐसा विश्वविद्यालय की स्थापना करना था जहां देश और समाज के हर वर्ग के छात्रों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर की गुणवत्ता वाली शिक्षा और शैक्षिक माहौल उब्लब्ध कराया जाये। और यह कहना कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी कि जे.एन.यू. अपने इस उद्येश्य की प्राप्ति में पूरी तरह सफ़ल रहा है। आज यह न सिर्फ़ भारत बल्कि एशिया के उन विशिष्ट संस्थानों में से एक है जहां विभिन्न वैग्यानिक और समजिक विषयों पर उच्च स्तर पर शोधकार्य चल रहा है।
जे.एन.यू. में करीब ६००० छात्र और करीब ५०० शिक्षक हैं। यहं कुल १० स्कूल ३ स्पेशल सेंटर्स हैं.
स्कूल
स्कूल ऑफ़ आर्ट्स एंड एस्थेटिक्स
स्कूल ऑफ़ सोशल साइन्सेज़
स्कूल ऑफ़ इन्टरनेशनल स्टडीज़
स्कूल ऑफ़ एन्वायरन्मेंट स्टडीज़
स्कूल ऑफ़ लैंगुएज, लिटरेचर & कल्चरल स्टडीज़
स्कूल ऑफ़ कम्प्युटर & सिस्तक साइन्सेज़
स्कूल ऑफ़ बायोटेक्नोलोजी
स्कूल ऑफ़ फिजिकल साइन्सेज़
स्कूल ऑफ़ इन्फोर्मेशन टेक्नोलॉजी
स्कूल ऑफ़ लाइफ साइन्सेज़
स्पेशल सेंटर्स
स्पेशल सेंटर फॉर संस्कृत स्टडीज़
स्पेशल सेंटर फॉर मोलेकुलर मेडीसिन
सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ़ ला & गवर्नेंस
जे.एन.यू. अपने विभिन्न कोर्सेज़ मे एडमिशन के लिए प्रतिवर्ष एक कठोर प्रवेश परीक्षा आयोजित करता है जिसमें देशभर से हज़ारों मेधावी छात्र शामिल होते हैं। जे.एन.यू सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछडे क्षेत्रों और वर्गों से आने वाले छात्रों तथा बालिकाओं को प्रवेश में विशेष प्राथमिकता देता है। इस कारण यहां दिल्ली, पंजाब, और महाराष्ट्र जैसे विकसित राज्यों की तुलना में बिहार, बंगाल, यू.पी और उत्तर-पूर्वी प्रदेशों के छात्र अधिक संख्या में हैं। वैसे जे.एन.यू मे हर वर्ग और प्रान्त के छात्र सद्भाव और भाइचारे के साथ रहते हैं। इस प्रकार यह एक छोटे भारत का रूप प्रस्तुत करता है। जे.एन.यू कैंपस को चार क्षेत्रों में बांटा गया है - पूर्वांचल, पश्चिमाबाद,. दक्षिणापुरम और उत्तराखण्ड। जे.एन.यू. के छात्रावासों के नाम भी भारत की सभी नदियों के नाम पर रखे गये हैं; जैसे - नर्मदा, माही-मांडवी, सतलज, झेलम, गंगा, यमुना, गोदावरी, साबरमती, ताप्ती, लोहित, चन्द्रभागा, ब्रह्मपुत्र, महानदी इत्यादि। सभी फ़ुल टाइम छात्रों को छात्रावास और मेस की सुविधा दी जाती है।





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